भूतिया मंदिर की कहानी

भूतिया मंदिर की कहानी
एक बड़े और पुराने हैंटेड हाउस की कहानी है। जिसका नाम "भूतिया मंदिर" था। यह मंदिर एक छोटे से गांव में स्थित था और उसके आस-पास के लोग इसे बड़े डर के साथ देखते थे। गांववाले कहते थे कि यह मंदिर रात के समय आवाज़ें करता है और अजीब-अजीब घटनाएँ होती हैं।
एक दिन, गांव में आये दो दोस्तों ने तय किया कि वे भूतिया मंदिर में जा कर एक रात बिताएंगे। उन्होंने रात के समय लैंटर्न और कुछ आवश्यक सामान लेकर मंदिर की ओर बढ़ते हुए देखा कि मंदिर की दरवाज़ार पर कुछ अजीब चिन्ह बने हुए थे।
वे दरवाज़े को धीरे-धीरे खोलते हैं और मंदिर के अंदर दाहिने ओर एक विशाल भूत जैसी आवाज़ आई - "कौन है?" दोस्तों की आंखों में डर छाया, लेकिन वे साहस जुटाकर आगे बढ़ते हैं।
मंदिर के अंदर की दीवारों पर छायांकित चित्रों में अजीब-अजीब घटनाएँ दिखाई देने लगीं। दोस्तों का दिल धड़कने लगा, लेकिन वे मंदिर की जांच जारी रखते हैं।
रात ढलती गई और एक विशेष रूप से ठंडी हवा चलने लगी। वे दिवार से सुनसान आवाज़ें सुनने लगे जैसे कोई मंदिर के अंदर घूम रहा हो। डर के मारे वे एक कोने में बैठ गए और बीती रात के घटनाओं का सामना करते रहे।
सुबह होते ही वे तेजी से मंदिर से बाहर निकल गए और गांववालों को अपनी देखी बताई। लोगों ने उनकी कथा सुनकर हैरानी और डर से चौंक जाते हैं।
यह कहानी हमें यह सिखाती है कि कभी-कभी हमारी जिज्ञासा हमें अजीब और डरावने स्थानों में ले जाती है, लेकिन हमें साहस और विश्वास बनाए रखना चाहिए।
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